अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर ने औपचारिक रूप से रेडियोथेरेपी सेवाओं की शुरुआत कर दी है, जो संस्थान की समग्र कैंसर देखभाल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।इस विकास के साथ, एम्स देवघर झारखंड तथा पड़ोसी राज्यों के लिए रेडिएशन थेरेपी उपचार का एक प्रमुख रेफरल केंद्र बन गया है।
रेडियोथेरेपी कैंसर प्रबंधन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है और इसका उपयोग सिर एवं गर्दन, स्तन, फेफड़े, गर्भाशय ग्रीवा, मस्तिष्क तथा अन्य ठोस ट्यूमर सहित अनेक प्रकार के कैंसरों के उपचार में किया जाता है। नव-स्थापित सुविधा अत्याधुनिक तकनीक (हाई एनर्जी लीनियर एक्सेलेरेटर; एलेक्टा वर्सा एचडी) से सुसज्जित है, जिसे रोगियों के लिए अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए अत्यंत सटीक विकिरण उपचार प्रदान करने तथा दुष्प्रभावों को न्यूनतम रखने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। निकट भविष्य में रेडियोथेरेपी सेवाओं के और विस्तार की योजना है, जिसके अंतर्गत ओएनजीसी के सीएसआर सहयोग से एक अतिरिक्त लीनियर एक्सेलेरेटर (वेरियन ट्रूबिम) की स्थापना तथा ब्रैकीथेरेपी सेवाओं की शुरुआत की जाएगी।
अब तक झारखंड, बिहार एवं पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों के अनेक कैंसर रोगियों को रेडियोथेरेपी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे उन्हें उपचार में विलंब, आर्थिक बोझ तथा शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। एम्स देवघर में रेडियोथेरेपी की उपलब्धता से यह बोझ काफी हद तक कम होगा और रोगियों को अपने घर के निकट ही समय पर, किफायती तथा उच्च गुणवत्ता वाला रेडिएशन उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
यह उपलब्धि एम्स देवघर की तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने तथा क्षेत्र के लोगों के लिए कैंसर उपचार के परिणामों में सुधार लाने की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
