देवघर नगर निगम के सहयोग से 24 सितंबर 2025 को जसीडीह रेलवे स्टेशन पर आवारा कुत्तों पर नियंत्रण अभियान चलाया गया।इस अभियान के दौरान स्टेशन परिसर से 10 आवारा कुत्ते पकड़े गए।यह पहल माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर हाल ही में दिए गए निर्देशों के मद्देनजर की गई,जिसमें जन संरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवारा कुत्तों का टीकाकरण,नसबंदी और नियमित रूप से उन्हें छोड़ने का आदेश दिया गया है।
आसनसोल मंडल ने स्टेशन परिसर,सर्कुलेटिंग क्षेत्रों और पटरियों के आसपास आवारा कुत्तों को घूमते हुए देखा गया, जिससे चोट लगने, संक्रमण और सेवा बाधित होने का खतरा बना रहता है।यात्रियों की संरक्षा का ध्यान रखना रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
सर्वोच्च न्यायालय ने 22 अगस्त 2025 के अपने आदेश में नगर निकायों को निर्देश दिया था कि वे आवारा कुत्तों का टीकाकरण,नसबंदी करें और उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दें, हालाँकि पागल या आक्रामक जानवरों के लिए कुछ अपवाद हैं। न्यायालय ने आवारा कुत्तों को केवल निर्दिष्ट स्थानों पर ही भोजन देने की अनुमति दी और प्रभावी पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रमों,आवारा कुत्तों की गणना और अंतर-एजेंसी समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
इन निर्देशों के अनुरूप आसनसोल मंडल ने अपने अधिकार क्षेत्र के नगर निकायों से नसबंदी और टीकाकरण अभियान में तेज़ी लाने और प्लेटफ़ॉर्म, प्रतीक्षालय और संचार क्षेत्रों जैसे संवेदनशील स्थानों से आवारा कुत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाने का आग्रह किया है।
रेलवे के अनुसार पूर्व रेलवे का आसनसोल मंडल एक बहुआयामी दृष्टिकोण अपना रहा है जो यात्रियों की संरक्षा और आवारा कुत्तों के मानवीय प्रबंधन के बीच संतुलन स्थापित करने की कोशिश कर रहा है जिससे सभी रेल उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित स्टेशन और सुगम यात्रा सुनिश्चित होती रहे।
