गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ राज्य के मंत्रियों की बैठक में GST के 12% और 28% स्लैब को ख़त्म करने पर आम सहमति व्यक्त की गई.अब इस पर अंतिम मुहर GST कौंसिल में लगनी है.GST कौंसिल की सहमति के बाद GST का चार की जगह सिर्फ दो ही स्लैब रह जाएगा-5% और 18%.सूत्रों के अनुसार अति विलासिता वस्तुओं पर एक 40% का नया स्लैब जोड़ा जा सकता है.
केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली GST कौंसिल अब इस फीड बैक के आधार पर और नई व्यवस्था में रेवेन्यू लॉस की क्षतिपूर्ति कैसे हो सकती है,इस सम्बन्ध में विचार विमर्श करेंगी.
बैठक में मंत्रीओं के समूह द्वारा जीवन और स्वस्थ बीमा के प्रीमियम को GST से मुक्त करने पर सहमति व्यक्त की गई.बैठक के बाद बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली में बताया कि जीवन और स्वस्थ बीमा के प्रीमियम पर वर्तमान में 18% GST को पूरी तरह हटाने पर सहमति व्यक्त की गई.तेलंगाना के मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमर्क ने कहा कि इससे ₹9700 करोड़ का राजस्व घाटा होगा,अब इसकी क्षतिपूर्ति कैसे हो सकती है इस पर विचार करने की जरुरत है.
अमेरिका के साथ व्यापारिक परेशानियों के मद्देनज़र प्रधानमंत्री द्वारा GST को युक्तिसंगत बनाने की पहल के बाद यह बैठक आयोजित की गई थी.
अब इस पर अंतिम निर्णय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली GST कौंसिल की बैठक में लिया जाएगा.सभी राज्यों के वित्त मंत्री इसके सदस्य होते हैँ.GST कौंसिल की बैठक सितम्बर या अक्टूबर में दीपावली के पहले संभावित हैँ.
सरकारी सूत्रों के अनुसार वर्तमान में 28% स्लैब के लगभग 90% वस्तु और सेवाएं 18% स्लैब में शिफ्ट हो जायेगे जबकि वर्तमान में 12% स्लैब के सभी आइटम्स 5% स्लैब में शिफ्ट हो जायेंगे.उम्मीद की जा रही हैँ कि इससे आवश्यक वस्तुएँ और घरेलु सामान पहले से सस्ते हो जायेंगे.
