बुधवार को रूस ने भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल ख़रीदे जाने पर अमेरिका द्वारा अतिरिक्त टैरिफ़ लगाने को अनुचित और एकतरफा निर्णय बताया.रूस के दुतावास में मिशन इंचार्ज रोमन बबुशकिन ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए ये बातें कही.उन्होंने कहा कि रूस ने भारत को बिना किसी रुकावट के कच्चा तेल की आपूर्ति जारी रखने के लिए एक विशेष मकेनिज्म तैयार किया है.भारत अपनी जरुरत का 40% कच्चा तेल औसतन 5 प्रतिशत छूट पर रूस से लेता है.बबुशकिन ने कहा कि भारत और रूस आपस में चॉइस पार्टनर हैँ.उन्होंने कहा कि हमलोगों ने संयुक्त रूप से ब्रह्ममॉस क्रूज मिसाइल विकसित किया है और आगे भी आधुनिकतम सामान जिनमें जेट इंजन भी शामिल हैँ, जल्द ही इन योजनाओं पर काम शुरू किया जाएगा.
वश्विक राजनितिक पटल पर संबंधों में तेजी से आ रहे बदलाव की चर्चा करते हुए बबुशकिन ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के भारत दौरे का स्वागत किया और आने वाले समय में रूस-भारत-चीन को महत्वपूर्ण वैश्विक प्लेटफॉर्म बताया.उन्होंने संघई कोऑपरेशन आर्गेनाईजेशन सम्मलेन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति वलादिमीर पुतिन के बीच द्वीपक्षिय वार्ता की पुष्टि की हालांकि राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे की तिथि के सम्बन्ध में उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की.
