स्वच्छता के लिए स्वैच्छिकता और सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए 2017 से पूरे देश में पखवाड़े भर चलने वाला “स्वच्छता ही सेवा” अभियान चलाया जा रहा है।यह वार्षिक पहल समग्र समाज और समग्र सरकार के दृष्टिकोण को अपनाती है,जो सभी स्तरों पर नागरिकों,संस्थानों और नेतृत्व को एकजुटता में पिरोती है।अपने व्यापक नेटवर्क के साथ भारतीय रेल इस मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।रेल मंत्रालय 17 सितंबर से 02 अक्टूबर, 2025 तक यह अभियान चला रहा है।
आसनसोल मंडल में इस अभियान का शुभारंभ किया गया।मंडल रेल प्रबंधक, श्रीमती विनीता श्रीवास्तव ने आसनसोल में शाखा अधिकारियों, रेलवे कर्मचारियों और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की उपस्थिति में स्वच्छता शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई जिससे स्वच्छता और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई।
मंडल भर में मधुपुर, रानीगंज, जसीडीह, पाण्डवेश्वर, दुमका, बराकर और चित्तरंजन स्टेशनों और बहुविषयक क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान (एमडीजेडटीआई)/भूली प्रशिक्षण स्कूल के साथ-साथ इलेक्ट्रिक लोको शेड आसनसोल, बॉक्स’एन’ डिपो अंडाल, सीएंडडब्ल्यू/अप सिक लाइन अंडाल, डब्ल्यूडीडी/सीएंडडब्ल्यू अंडाल, मंडल और उप-मंडल रेलवे अस्पतालों और मधुपुर एवं सीतारामपुर स्थित स्वास्थ्य यूनिटों में शपथ ग्रहण गतिविधियाँ आयोजित की गईं। वाणिज्य, परिचालन, आरपीएफ, सीएचआई, चिकित्सा और ईएनएचएम विभागों के कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
रेलवे के अनुसार इस अभियान के दौरान आसनसोल मंडल अपने क्षेत्राधिकार के स्टेशनों, ट्रेनों, कार्यालयों, कॉलोनियों और अस्पतालों में स्वच्छता अभियान,जागरूकता कार्यक्रम और सामुदायिक सहभागिता का आयोजन करेगा। “स्वच्छोत्सव” थीम के अंतर्गत स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) और यात्रियों व कर्मचारियों को जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह अभियान 2 अक्टूबर, 2025 को “स्वच्छ भारत दिवस” के साथ समाप्त होगा।
इस अभियान में स्वच्छता लक्षित इकाइयों (सीटीयू) का रूपांतरण, सार्वजनिक स्थानों की सफाई, सफाई मित्र सुरक्षा शिविर, स्वच्छ हरित उत्सव, स्वच्छ सुजल गाँव, अपशिष्ट से कला, स्वच्छ सड़क और खाद्य स्वच्छता पहल के साथ-साथ कर्मचारियों और यात्रियों को जागरूक करने के लिए जन जागरूकता अभियान शामिल हैं।
