फुटबॉल विश्व कप विश्व का सबसे लोकप्रिय और प्रतिष्ठित खेल आयोजन माना जाता है, जिसका इंतजार खेल प्रेमी बड़े उत्साह के साथ करते हैं। इस प्रतियोगिता की शुरुआत वर्ष 1930 में दक्षिण अमेरिकी देश उरुग्वे में हुई थी, जहाँ पहला फुटबॉल विश्व कप आयोजित किया गया था। तब से यह प्रतियोगिता प्रत्येक चार वर्ष में आयोजित की जाती है और इसमें विभिन्न देशों की राष्ट्रीय टीमें भाग लेकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने का प्रयास करती हैं। विश्व कप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं और देशों को एक मंच पर जोड़ने का अवसर भी प्रदान करता है। इस दौरान खिलाड़ी अपने कौशल, अनुशासन, मेहनत और टीम भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। करोड़ों दर्शक स्टेडियमों और टेलीविजन के माध्यम से मैचों का आनंद लेते हैं तथा अपनी पसंदीदा टीमों का समर्थन करते हैं। इस प्रतियोगिता से युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ती है और उन्हें अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरणा मिलती है। विश्व कप के आयोजन से मेजबान देश को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक लाभ भी प्राप्त होते हैं। अनेक महान खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से इस मंच पर इतिहास रचा है और विश्वभर में पहचान बनाई है। प्रतियोगिता के दौरान रोमांचक मुकाबले, अप्रत्याशित परिणाम और भावनात्मक क्षण दर्शकों को अंत तक बांधे रखते हैं। विश्व कप खेल भावना, सहयोग, सम्मान और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का संदेश देता है। यह आयोजन दुनिया को यह सिखाता है कि खेल लोगों को जोड़ने और आपसी समझ बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। आधुनिक युग में फुटबॉल विश्व कप केवल खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए उत्सव, प्रेरणा और एकता का प्रतीक बन चुका है। यही कारण है कि इसे खेल जगत का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली आयोजन माना जाता है।लेकिन भारत जैसे बड़े देश का इस मुकाबला तक नहीं पहुँच
पाना एक बड़ी बिडंबना है.
-रजत मुखर्जी
