देवघर उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा सभी विद्यालय के प्राचार्य/विद्यालय प्रबन्धन समिति एवं अभिभावकों को देवघर जिलान्तर्गत विद्यालयों में परिचालित हो रहे सभी वाहन बस, मैजिक, सवारी वाहन, ऑटो एवं टोटो आदि का वाहन से संबंधित अद्यतन कागजात जिला प्रशासन को दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।अद्यतन कागजात नहीं रहना कन्द्रीय मोटरवाहन अधिनियम 1988 नियमावली का उल्लंघन है।बिना कागजातों के वाहनों का परिचालन होने से सरकार के राजस्व की क्षति तो होती ही है दुर्घटना की स्थिति में जानमाल/आर्थिक क्षति होने की सभावना बनी रहती है।
सरकारी निर्देशानुसार सभी निजी और सरकारी स्कूलों के प्रबन्धकों को उपरोक्त अनुसार परिचालित हो रहे वाहनों के निम्न कागजातों का अद्यतन होना एवं क्रियाकलापों का अनुपालन होना आवश्यक और अनिवार्य है-
वाहन पंजीकृत होना चाहिए।
वाहन का पथकर अद्यतन होना चाहिए।
वाहन का फिटनेश प्रमाण-पत्र अद्यतन होना चाहिए।
वाहन का बीमा प्रमाण-पत्र अद्यतन होना चाहिए।
वाहन का परमिट अद्यतन होना जो वाहन के बॉडी में अंकित रहना चाहिए।
वाहन का प्रदूषण प्रमाण-पत्र अद्यतन निर्गत होना चाहिए।
वाहन में Fire Extiguisher Kit उपलब्ध होना चाहिए।
वाहन में First Aid Box उपलब्ध होना चाहिए।
वाहन में सीट की संख्या से अधिक बच्चों को नहीं बैठाया जाना चाहिए।
साथ ही आवागमन को सुरक्षित बनाए रखने हेतु SCCoRS(Supreme Court Committee of Road Safety) के दिये गये दिशा निर्देशों का अनुपालन होना चाहिए।
जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सभी विद्यालय के प्राचार्य/विद्यालय प्रबन्धन समिति एवं अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना है कि परिचालित वाहनों के लिए उपरोक्त का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाय ताकि भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके।अद्यतन प्रतिवेदन न रहने पर केन्द्रीय मोटरवाहन अधिनियम, 1988 एवं नियमावली 1989 के सुसंगत धाराओं एवं नियमों तथा MV(Ammendment) Act, 2019 एवं SCCoRS (Supreme Court Committee of Road Safety) के तहत् नियमानुसार आर्थिक जुर्माना एवं विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन के इस कड़े रुख से स्कूल प्रबंधकों में हड़कंप है।
