उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना के बाद खीर गंगा नदी में आई बाढ़ में अब तक 50 से 60 लोगों के लापता होने की खबर है, इनमें 10 सेना के जवान भी शामिल हैं।मलवे में दबे लोगों को ट्रेस करने के लिए केंद्र ने RECCO रडार प्रणाली से से लैस तिरंगा माउंटेन रेस्क्यूअर टीम को घटना स्थल पर भेजा है।यह रडार मलवे में दबे लोगों का पता लगाने में सक्षम है।बाढ़ के बाद इस जगह पर 10 से 20 फीट ऊंचा कीचड़ का मालवा जमा हो गया है।यहां पर आईं बाढ़ में सिविल हेलीपैड तो पूरी तरह बर्बाद हो चुका है लेकिन सेना का हेलीपैड सही सलामत है।इसी हेलीपैड के माध्यम से अभी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए आवश्यक मशीनें और अतिरिक्त बल को वहां तक पहुंचाया जा रहा है।रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे सेना के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी है।जिला प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे सेना के जवान, भारत- तिब्बत बॉर्डर पुलिस(ITBP) और एनडीआरएफ के जवानों से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 20 स्थानीय,25 से 30 बाहरी लोग जो स्थानीय शॉप और होटल में काम करते थे और पर्यटक,जिनकी वास्तविक संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है, अभी तक लापता हैं।इस बीच ITBP के दल को बुधवार सुबह दराली गांव में घटना में मारे गए पांचवे व्यक्ति का शव बरामद हुआ है।संयुक्त रेस्क्यू टीम चार जगहों,उत्तरकाशी के दराली गांव, लोअर हार्शिल, उत्तर दराली और और गंगोत्री में मुख्य रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।
