सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन के समय छात्रों को APAAR ID (Automated Permanent Academic Account Registry)जमा करना अनिवार्य कर दिया है।नई शिक्षा नीति 2020 में इसकी परिकल्पना की गई थी।यह एक ऐसी पहचान आईडी है जो प्री प्राइमरी से हाइयर एजुकेशन तक छात्रों के पूरे शैक्षणिक रिकॉर्ड की जानकारी देता है।छात्रों के रिपोर्ट कार्ड्स और परीक्षा परिणाम को इससे जोड़ कर सुरक्षित रखा जा सकता है जिसे डिजिलॉकर के जरिए कभी भी हासिल किया जा सकता है।
सरकार की मंशा है कि इसके जरिए फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र पर स्वतः लगाम लग जाएगा।
बोर्ड परीक्षा रजिस्ट्रेशन से APAAR ID को जोड़ने का निर्णय इसी वर्ष जून में सीबीएसई की गवर्निंग बॉडी की बैठक में लिया गया था।
इससे पहले बोर्ड द्वारा सिर्फ स्कूलों से कक्षा 10 वी और 12 वी की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की सूची और 9 वी और 11 वी के रजिस्ट्रेशन की जानकारी मांगी जाती थी।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने सभी स्कूली छात्रों को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर एजुकेशन के साथ जोड़ने के लिए APAAR ID को अनिवार्य कर दिया है।
मुद्दे पर गहन चर्चा के बाद सीबीएसई ने 2026 के बोर्ड परीक्षा से इसे अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।
APAAR ID के लिए छात्रों और उनके अविभावकों को उनके नाम, उम्र, जन्म तिथि, जेंडर,फोटोग्राफ और आधार नंबर की जानकारी स्कूल को उपलब्ध करानी होगी।छात्रों द्वारा दी गई सूचना को आधार नंबर से सत्यापित किया जाएगाl
हालांकि अविभावकों द्वारा इस प्रक्रिया में व्यक्तिगत सूचनाओं के दुरुपयोग की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
उधर सरकार की ओर से ऐसे किसी अवांछित लोगों तक इस डाटा बेस की पहुंच से साफ इंकार किया गया है।
