इस कार्यक्रम में संत मेरी बालिका उच्च विद्यालय की छात्राएँ एवं शिक्षकगण सक्रिय रूप से शामिल हुए।
कार्यक्रम का संचालन वन प्रमंडल पदाधिकारी अभिषेक भूषण के मार्गदर्शन तथा वन क्षेत्र पदाधिकारी एस.डी. सिंह के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर वनकर्मियों ने बच्चों को जंगल में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षियों की पहचान, उनकी आदतों एवं पर्यावरणीय महत्व से परिचित कराया। साथ ही स्थानीय औषधीय पौधों एवं उनके उपयोग के बारे में भी व्यावहारिक जानकारी दी गई।
प्रकृति व्याख्यान केंद्र में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् रजत मुखर्जी द्वारा चित्रित पक्षियों के चित्र एवं अध्ययन सामग्री का अवलोकन बच्चों के लिए एक विशेष आकर्षण रहा। वहीं, अजय कुमार,राजीव रंजन,कुमार शशि भूषण एवं कृष्णानंद तिवारी ने छात्रों और ग्रामीणों को पेड़-पौधों की महत्ता, औषधीय वनस्पतियों के उपयोग,वन प्रबंधन तथा वन्यजीव संरक्षण के उपायों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
इस शैक्षणिक भ्रमण ने बच्चों को प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण की दिशा में नई प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय ग्रामीणों ने जैव विविधता उद्यान में स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
वन विभाग का यह प्रयास न केवल स्कूली बच्चों में जागरूकता बढ़ाने का माध्यम है बल्कि स्थानीय समुदाय को भी जंगल और वन्य प्राणी संरक्षण के महत्व से जोड़ने की एक सार्थक पहल है।
उल्लेखनीय है कि वन्य प्राणी सप्ताह प्रतिवर्ष 1 से 7 अक्टूबर तक मनाया जाता है। इस अवधि में वन विभाग द्वारा विभिन्न विद्यालयों एवं ग्रामीण समुदायों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका भव्य समापन आगामी 7 अक्टूबर 2025 को संत मेरी बालिका उच्च विद्यालय, देवघर में होगा।
