12 प्रीकास्ट लिमिटेड हाइट सबवे बॉक्स लॉन्च किए गए, जिससे रेल एवं सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा-

पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने 10 मई 2026 को निर्धारित मेगा ब्लॉक एवं उसके शैडो अवधि के दौरान मंडल के विभिन्न खंडों में व्यापक ट्रैक नवीनीकरण, अनुरक्षण तथा आधारभूत संरचना सुधार कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न किए। इन कार्यों का उद्देश्य रेलवे आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना, परिचालन सुरक्षा बढ़ाना तथा रेल सेवाओं के सुचारु एवं विश्वसनीय संचालन को सुनिश्चित करना है।

मेगा ब्लॉक एक नियोजित अवधि होती है, जिसके दौरान ट्रेन परिचालन को अस्थायी रूप से विनियमित किया जाता है ताकि रेलवे अभियंता एवं ट्रैक कर्मी ऐसे महत्वपूर्ण अनुरक्षण एवं निर्माण कार्य कर सकें, जिन्हें सामान्य ट्रेन परिचालन के दौरान करना संभव नहीं होता। इस प्रकार के कार्य रेलवे ट्रैकों को सुरक्षित स्थिति में बनाए रखने तथा समयनिष्ठ और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

मेगा ब्लॉक के दौरान बोडमा–जामताड़ा के बीच समपार फाटक संख्या 08 तथा जोरामोव–मधुपुर के बीच समपार फाटक संख्या 17 पर लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) के निर्माण हेतु 12 प्रीकास्ट प्रबलित सीमेंट कंक्रीट (RCC) बॉक्स एवं बेस स्लैब लॉन्च किए गए। कार्य पूर्ण होने पर ये सबवे वर्तमान समपार फाटकों का स्थान लेंगे और सड़क यातायात को निर्बाध मार्ग उपलब्ध कराते हुए रेल एवं सड़क दोनों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण सुधार करेंगे।
मेगा ब्लॉक के दौरान किए गए प्रमुख कार्यों में तापमान परिवर्तन के दौरान ट्रैक की स्थिरता बनाए रखने के लिए 7 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का डी-स्ट्रेसिंग, सालानपुर में एक डायमंड क्रॉसिंग तथा एक रेलवे स्विच का प्रतिस्थापन, गर्मी एवं सर्दी के दौरान रेल पथ के सुरक्षित विस्तार-संकुचन के लिए चार विशेष एक्सपेंशन जॉइंट्स की स्थापना, दो टर्नआउट (प्वाइंट्स एवं क्रॉसिंग) का नवीनीकरण तथा डाउन लाइन में पुल संख्या 691 पर 50 मीटर रेल का प्रतिस्थापन शामिल है।
ट्रैक की समरेखण गुणवत्ता और यात्रा सुविधा में सुधार हेतु जामताड़ा में 17 किलोमीटर ट्रैक तथा छह टर्नआउट की विशेष मशीनों द्वारा टैम्पिंग की गई, जिसके बाद 4 किलोमीटर में डायनेमिक ट्रैक स्टेबलाइजेशन किया गया। इसके अतिरिक्त नौ कंक्रीट स्लीपरों का प्रतिस्थापन, 46 रेल जोड़ों की वेल्डिंग, ट्रैक फास्टनिंग का नवीनीकरण, एक किलोमीटर रेल पेंटिंग, 350 मीटर रेल परिवर्तन तथा सिग्नलिंग में प्रयुक्त 12 ग्लूड इंसुलेटेड जॉइंट्स का नवीनीकरण किया गया।
इन कार्यों के सफल निष्पादन से रेल पथ और अधिक सुदृढ़ होगा, यात्रा की सुगमता बढ़ेगी तथा गति प्रतिबंधों एवं अनुरक्षण संबंधी व्यवधानों की संभावना कम होगी। इससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और विश्वसनीय रेल सेवाएं प्राप्त होंगी, जबकि मालगाड़ियों का परिचालन भी अधिक दक्षतापूर्वक हो सकेगा। ये प्रयास आसनसोल मंडल द्वारा मजबूत रेलवे आधारभूत संरचना के अनुरक्षण तथा सुरक्षित एवं कुशल रेल परिचालन सुनिश्चित करने की दिशा में किए जा रहे सतत कार्यों को दर्शाते हैं।
