चल रहे स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) – 2025 अभियान के अंतर्गत पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने मंडल भर के स्टेशनों, रनिंग रूम, खान-पान इकाइयों और खाद्य स्टालों पर खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और साफ-सफाई पर निरीक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गुणवत्ता मानकों का अनुपालन और कर्मचारियों एवं विक्रेताओं को सुरक्षित खाद्य प्रबंधन प्रथाओं के प्रति जागरूक करना था।
अंडाल में क्रू लॉबी और रनिंग रूम का निरीक्षण किया गया, जबकि रिफ्रेशमेंट रूम के रसोई कर्मचारियों को स्वच्छ भोजन तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया। लोको रनिंग रूम में कीट और कृंतक नियंत्रण उपाय किए गए, जिसके बाद लोको कॉलोनी में श्रमदान गतिविधि का आयोजन किया गया।
जसीडीह, दुमका और अंडाल स्थित डीजल शेड में खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए और विक्रेताओं को व्यक्तिगत स्वच्छता एवं साफ-सफाई के बारे में जानकारी दी गई।मधुपुर में ‘स्वच्छ फूड स्टॉल’ पहल शुरू की गई और सीतारामपुर में निरीक्षण के दौरान उचित बैच संख्या, लाइसेंस संख्या और चिकित्सा प्रमाण-पत्र सुनिश्चित किए गए।
बराकर में खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच की गई और आसनसोल स्टेशन फूड प्लाजा के साथ-साथ अन्य प्रमुख स्टेशनों पर मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक और खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पानागढ़ और जामताड़ा में किये गये निरीक्षण लाइसेंस, चिकित्सा प्रमाण-पत्र और पैकेजिंग मानकों पर केंद्रित थे। सियालदह राजधानी एक्सप्रेस, पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस और हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस सहित प्रमुख ट्रेनों के बेस किचन में खान-पान की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
रेलवे के अनुसार इन उपायों से खान-पान इकाइयों की निगरानी मजबूत हुई, गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित हुआ और पूरे मंडल में कर्मचारियों, विक्रेताओं और यात्रियों के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी।
