देवघर जसीडीह मुख्य मार्ग पर रोहिणी मोड़ के समीप स्थित दामोदर ग्राम इस्कॉन मंदिर परिसर में इन दिनों झूलनोत्सव की धूम है।यहां पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ झूलन उत्सव मनाया जा रहा है।यह उत्सव 10 अगस्त तक चलेगा।
झूलन यात्रा जिसे झूलन पूर्णिमा भी कहा जाता है,भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम का उत्सव है।यह त्यौहार श्रावण महीने में मनाया जाता है,विशेष रूप से पूर्णिमा के दिन राधा और कृष्णा को झूला झुलाने का रस्म है।इसका मुख्य महत्व भगवान के साथ अपने प्रेम संबंध को गहरा करना और भक्ति का आनंद पाना है।यह
जानकारी देवघर इस्कॉन के प्रमुख श्री श्रीनिवास गोपाल दास प्रभु ने अपने प्रवचन के माध्यम से दी।
यह त्यौहार भगवान कृष्ण और राधा के शाश्वत प्रेम को दर्शाता है और भक्तों से भगवान के साथ आध्यात्मिक बंधन को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।झूलन यात्रा भगवान के प्रति प्रेम और निष्ठा व्यक्त करने का तरीका है।भक्त झूला झुलाते हुए भजन गाते हैं और भगवान की लीलाओं का स्मरण करते हुए आनंदित होते हैं।झूलन यात्रा इस प्रकार भगवान के प्रति भक्ति और समर्पण का एक सुंदर उत्सव है जो भक्त को आध्यात्मिक आनंद और शांति प्रदान करता है।
इस्कॉन मंदिर में प्रत्येक दिन झूलन संध्या 6:00 बजे से देर रात्रि 9:00 बजे तक चलता रहता है और तत्पश्चात भगवान के प्रसाद के साथ समापन किया जाता है।दिनांक 16 अगस्त एवं 17 अगस्त को इस्कॉन मंदिर परिसर में भव्य जन्माष्टमी एवं नंदोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
