यात्री सुरक्षा को मज़बूत करने और समय पर रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रित अभियान के तहत आसनसोल मंडल के रेलवे सुरक्षा बल ने अलार्म चेन पुलिंग प्रणाली के दुरुपयोग के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज़ कर दी है।
बिना किसी वैध कारण के अलार्म चेन पुलिंग से रेलगाड़ियों की आवाजाही बाधित होती है,यात्रियों को असुविधा होती है और गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा होते हैं।इस कार्रवाई के तहत रेलवे सुरक्षा बल ने 1 जून, 2025 से 31 अगस्त, 2025 तक अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) के दुरुपयोग के 386 मामले दर्ज किए। इनमें से 371 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 141 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई।
इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए आसनसोल मंडल के आरपीएफ ने ट्रेन में जाँच बढ़ा दी है, सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी बढ़ा दी गई है और स्टेशनों तथा ट्रेनों में लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं।ये उपाय अपरिहार्य व्यवधानों को कम करने और ट्रेन सेवाओं की समयबद्धता बनाए रखने में मदद करने के लिए किए गए हैं।
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे आपातकालीन चेन का उपयोग केवल चिकित्सा, आपात स्थिति या सुरक्षा संबंधी खतरे जैसी वास्तविक स्थितियों में ही करें।इस प्रणाली का दुरुपयोग एक दंडनीय अपराध है,जिसके लिए गिरफ्तारी और यात्रा समाप्ति हो सकती है। आसनसोल मंडल ने सभी यात्रियों से जिम्मेदारी से कार्य करने और अनुशासन,सुरक्षा और सुचारू ट्रेन संचालन बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
