स्वच्छता पखवाड़ा 2025 और स्पेशल कैम्पेन 5.0 के तहत, पूर्वी रेलवे के आसनसोल मंडल में “स्वच्छ नीर” गतिविधियां संचालित की गईं, जिनका उद्देश्य स्टेशनों और रेलवे प्रतिष्ठानों में पेयजल की स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करना था। इसमें वाटर बूथ, नल क्षेत्र, फ़िल्ट्रेशन प्लांट और ओवरहेड टैंक की सफाई तथा जल गुणवत्ता का परीक्षण शामिल था।
मधुपुर में, स्वच्छ नल स्वच्छ जल कार्यक्रम के तहत वाटर बूथ की सफाई की गई, जो स्वच्छता ही सेवा 2025 का हिस्सा था। इसी तरह की अभियान आसनसोल, डुमका, जसीडीह सितारामपुर, रानीगंज,पाण्डेश्वर और चित्तरंजन स्टेशनों पर भी आयोजित की गई।जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्लोरीनेशन,अवशिष्ट क्लोरीन और बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण किए गए।
रानीगंज स्टेशन पर नल क्षेत्र की सफाई, क्लोरीनेशन परीक्षण और बैक्टीरियोलॉजिकल विश्लेषण के लिए जल नमूने एकत्र किए गए। पांडाबेस्वर और चित्तरंजन स्टेशनों पर भी वाटर बूथ और ओवरहेड टैंक की सफाई के साथ जल परीक्षण किया गया।
आसनसोल मंडल रेलवे अस्पताल में भी अवशिष्ट क्लोरीन और बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण किए गए और जल संस्थानों, ओवरहेड टैंक तथा फ़िल्टर हाउस का निरीक्षण कर स्वच्छता और रखरखाव सुनिश्चित किया गया।
ये गतिविधियां मंडल में निरंतर सफाई और निरीक्षण अभियान के माध्यम से यात्रियों और कर्मचारियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की अच्छी पहल कही जा सकती हैं।
