दिल्ली के एक अस्पताल में उन्होंने ली अंतिम सांस।झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।सोमवार को दिल्ली के श्री गंगा राम हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली।किडनी की बीमारी के इलाज़ के लिए एक माह पहले रांची से उन्हें दिल्ली लाया गया था।झारखंड के मुख्यमंत्री और शिबू सोरेन के पुत्र हेमंत सोरेन ने यह जानकारी X पर अपने पोस्ट के जरिए दी है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिबू सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।X पर अपने शोक संदेश में प्रधानमंत्री ने शिबू सोरेन को जमीनी नेता बताया।उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ताउम्र आदिवासियों के सशक्तिकरण के लिए संघर्ष करते रहे।शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को झारखंड के रामगढ़ के समीप हुआ था।संयुक्त बिहार के आदिवासी बहुल क्षेत्र में उस समय की महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन से उन्होंने अपने सामाजिक जीवन की शुरुआत की। आदिवासियों की भूमि संबंधी अधिकार के लिए लड़ाई लड़ते हुए 1973 में आदिवासियों के लिए अलग राज्य बनाने की मांग के साथ उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन किया।1980 में शिबू सोरेन पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए।उसके बाद कई बार सांसद में उनकी उपस्थिति होती रही।
