पश्चिम बंगाल से उड़ीसा पहुंचे लगभग 100 कामगारों को बांग्लादेशी बता कर डिटेंशन सेंटर में रोका।पश्चिम बंगाल सरकार ने जताया विरोध।पश्चिम बंगाल से काम की तलाश में उड़ीसा पहुंचे तकरीबन 100 कामगारों को बांग्लादेशी बता कर उड़ीसा में डिटेंशन सेंटर में डाल दिया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार को इसकी जानकारी होते ही सरकार की ओर से कड़ी आपत्ती दर्ज की गई है। दरअसल उड़ीसा में पिछले माह से ही अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।इसी के तहत पश्चिम बंगाल से उड़ीसा पहुंचे 100 से अधिक कामगारों को बांग्लादेशी बता कर डिटेंशन सेंटर में डाल दिया गया।पश्चिम बंगाल में राज्य माइग्रेंट वेलफेयर बोर्ड के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद समिरुल इस्लाम ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर उच्च अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को उड़ीसा सरकार के अधीनस्थ अधिकारियों से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।सरकारी सूत्रों के अनुसार बंगाल के उच्च अधिकारियों ने उड़ीसा सरकार के अधिकारियों से संपर्क कर सभी कामगारों के आवासीय दस्तावेज साझा कर उन्हें तुरंत रिलीज करने का आग्रह किया है।उधर उड़ीसा सरकार के संबंधित अधिकारियों के अनुसार किसी को गलत तरीके से नहीं रोका गया है सिर्फ उनकी वास्तविक पहचान के लिए आवश्यक दस्तावेज दिखाने कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार इस संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार से विमर्श जारी है।
