रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफ में भविष्य के लिए तैयार भारतीय रेल का रिकॉर्ड निवेश रोडमैप प्रस्तुत किया-
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित प्रेस वार्ता में रेलवे बजट पर जानकारी देते हुए झारखंड सहित देशभर में रेलवे अवसंरचना के व्यापक विकास हेतु अभूतपूर्व निवेश और बड़े विस्तार कार्यों की घोषणा की।
अपने संबोधन में रेल मंत्री ने बताया कि चालू केंद्रीय बजट में भारतीय रेल के लिए ₹2,78,000 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है, जो आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार और अवसंरचना विकास के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। झारखंड में रेलवे निवेश में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है, जहाँ औसत वार्षिक आवंटन वर्ष 2009–14 के ₹457 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2026–27 में ₹7,536 करोड़ हो गया है, जो लगभग 16 गुना वृद्धि को दर्शाता है।
रेल मंत्री ने बताया कि राज्य में ₹63,470 करोड़ मूल्य के रेलवे कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें नई रेल लाइनों का निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास तथा सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं, जो पूरे झारखंड में रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ करेंगे।
उन्होंने वाराणसी–सिलीगुड़ी उच्च गति रेल कॉरिडोर (पटना के रास्ते) की घोषणा को भी दोहराया, जिस पर भविष्य में बुलेट ट्रेन संचालन की परिकल्पना की गई है। यह कॉरिडोर झारखंड सहित पूर्वी भारत में हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। आगे चलकर इसे गुवाहाटी तक विस्तारित करने की योजना है, जिससे पूर्वी क्षेत्र में एक मजबूत हाई-स्पीड रेल नेटवर्क तैयार होगा।
इसके अतिरिक्त, माननीय मंत्री ने डानकुनी–सूरत समर्पित फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की, जिससे झारखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात को लाभ होगा। यह कॉरिडोर माल ढुलाई को अधिक कुशल बनाएगा, परिवहन समय घटाएगा और विशेष रूप से झारखंड के कोयला, इस्पात और खनिज आधारित उद्योगों को मजबूती प्रदान करेगा।
यात्री सेवाओं के विस्तार पर प्रकाश डालते हुए श्री वैष्णव ने बताया कि झारखंड में प्रीमियम ट्रेन सेवाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में राज्य में वंदे भारत एक्सप्रेस की 12 जोड़ी तथा अमृत भारत एक्सप्रेस की 4 जोड़ी ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा मिल रही है।
अमृत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के 57 रेलवे स्टेशनों को पूर्ण रूप से पुनर्विकसित करने के लिए ₹2,153 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इनमें से 8 स्टेशनों—गोविंदपुर रोड (फेज-I), राजमहल, संकरपुर, साहेबगंज, मधुपुर, गोड्डा, लोहरदगा एवं पिस्का—पर कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष स्टेशनों पर कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर है, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2014 के बाद से झारखंड में लगभग 1,400 किलोमीटर नई रेल लाइनों का निर्माण किया गया है, जो संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के संपूर्ण रेल नेटवर्क से भी अधिक है। राज्य में 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण प्राप्त कर लिया गया है, जिसके अंतर्गत 946 किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया गया है। साथ ही, सुरक्षा बढ़ाने के लिए 486 फ्लाईओवर एवं अंडरपास का निर्माण किया गया है। इसके अलावा, कवच ट्रेन टक्कर रोकथाम प्रणाली से संबंधित कार्य 917 रूट किलोमीटर पर प्रगति पर हैं, जबकि कुल 1,907 रूट किलोमीटर स्वीकृत हैं।
रेल मंत्री की प्रेस ब्रीफ के पश्चात आसनसोल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक सुधीर कुमार शर्मा ने मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया और झारखंड में आसनसोल मंडल के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों एवं उपलब्धियों के साथ-साथ भारतीय रेल की समग्र प्रगति पर प्रकाश डाला।
