देवघर के संत मेरी स्कूल में वन्य प्राणी सप्ताह का समापन समारोह आयोजित हुआ.कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत आदिवासी संस्कृति पर आधारित स्वागत नृत्य से हुआ, जिसने उपस्थित अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।इसके पश्चात देवघर के वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) अभिषेक भूषण द्वारा विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर हरियाली और संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान एस बी ओ कृष्णानंद तिवारी ने वन्यप्राणी सप्ताह के उद्देश्य और गतिविधियों पर संक्षिप्त जानकारी दी।इसके बाद छात्राओं ने “वन बचाओ, वन्य जीव बचाओ” थीम पर एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति दी, जिसने सबका ध्यान आकर्षित किया।छोटे बच्चों द्वारा एनिमल किंगडम पर आधारित मुखौटा नृत्य विशेष रूप से सराहा गया।
प्रख्यात पर्यावरणविद् रजत मुखर्जी ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि
“प्रकृति के हर जीव का अपना महत्व है।पक्षी और वन्यजीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न अंग हैं।हमें उनके प्रति संवेदनशील होकर उनके आवास और भोजन की रक्षा करनी चाहिए।”
एसबीओ राजीव रंजन द्वारा बच्चों के बीच वन्यप्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण पर क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
डीएफओ अभिषेक भूषण ने अपने संबोधन में कहा कि — वन संरक्षण के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।आहार श्रृंखला की स्थिरता के लिए हर प्राणी का अस्तित्व महत्वपूर्ण है। जैसे गिद्ध की संख्या में कमी हमारे पारिस्थितिक संतुलन के लिए खतरा बन रही है, वैसे ही अन्य वन्यजीवों का संरक्षण भी आवश्यक है।”
इस अवसर पर विगत सप्ताह आयोजित चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र एवं विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन वन क्षेत्र पदाधिकारी एस.डी. सिंह ने किया।उन्होंने विद्यालय परिवार, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सभी सहयोगी वनकर्मियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षकगण, वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे।
