देवघर एम्स के दीक्षांत समारोह में भाग लेने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देवघर पहुंची।देवघर एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत।देवघर ऐम्स के दीक्षांत समारोह में शिरकत करने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू देवघर पहुंची।राष्ट्रपति एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से देवघर ऐम्स पहुंची।राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू के साथ झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, एम्स के अध्यक्ष एनके अरोड़ा,देवघर एम्स के डायरेक्टर डॉ.सौरव वार्ष्णेय, संताल परगना के वरीय प्रशासनिक अधिकारी और एम्स के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के धुंन से की गई और इसके बाद छात्रों के बीच प्रशस्ति पत्र और मेडल वितरण किया गया।राष्ट्रपति महोदया के हाथों सभी पास आउट छात्र छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और मेडल दिया गया।मौके पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देवघर महादेव और शक्ति की नगरी है शिव और शक्ति की यह पावन धरती है और अभी सावन का महीना भी चल रहा है।इस पावन महीने में शिव की नगरी में होना अपने आप में एक गर्व की बात है।उन्होंने इस पावन धरती को नमन करते हुए कहा कि यहां पर भगवान भोलेनाथ और माता सती की कृपा की धारा भी बह रही है।उन्होंने कहा कि 2018 की 25 मई को सिंदरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस एम्स की घोषणा की थी।उस वक्त मैं बतौर राजपाल वहां उपस्थित थी।ऐसा लग रहा है जैसे यह कल की ही बात हो और आज उसी एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में भी मौजूद हूं, यह हमारे लिए काफी हर्ष की बात है।एम्स की विकास यात्रा से हमारा विशेष संबंध रहा है।इसके अलावा कल्चर ऑफ एक्सीलरेशन का शुभारंभ देवघर एम्स में होना काफी गर्व की बात है। इसके लिए पूरी टीम को राष्ट्रपति ने शुभकामनाएं दी।उन्होंने सभी विद्यार्थियों को भी बधाई दी जिन्होंने पदक हासिल किया है।उन्होंने कहा कि आज के इस समारोह में मंच पर बेटियों की संख्या काफी है।छात्राओं की संख्या आज बढ़ रही है,ऐसी बेटियों को विशेष शुभकामनाएं और उनके परिजनों को विशेष बधाई।उन्होंने कहा कि देवघर एम्स हमेशा अपने विकास की गाथा लिख रहा है,इसके लिए सभी शुभकामना के पात्र हैं। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के हाथों पदक पाने वाले छात्र छात्राओं में भी काफी हर्ष और उत्साह था।देवघर एम्स से पास आउट छात्र ने बताया कि यह काफी हर्ष और गर्व की बात है कि आज देवघर ऐम्स के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति महोदया के हाथों सम्मानित होने का अवसर मिला है।भविष्य में एक कुशल डॉक्टर बन मरीजों की सेवा करने का लक्ष्य है।
