बिहार के बांका से JD(U) सांसद गिरधारी यादव द्वारा बिहार में हो रहे मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के खिलाफ बोलना पार्टी पर नागवार गुजरा है। गिरधारी यादव ने बुधवार को बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर सवाल उठाते हुए इसे चुनाव आयोग का तुगलकी फरमान बताया था।संसद परिसर में बोलते हुए श्री यादव ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया था कि आयोग को बिहार के बारे में तनिक भी व्यवहारिक जानकारी नहीं है।उन्होंने चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि आयोग को बिहार की न तो इतिहास की जानकारी है और न ही भूगोल की, इनको कुछ भी जानकारी नहीं है।सांसद ने कहा कि उनको अपना डॉक्यूमेंट तैयार करने में दस दिन का समय लगा और लोगों को कितना समय लगेगा आप अंदाजा लगा सकते हैं।हालांकि सांसद ने कहा कि यह उनका अपना विचार है पार्टी का स्टैंड अलग हो सकता है।
पार्टी के महासचिव अफाक अहमद खान द्वारा भेजे गए कारण बताओ नोटिस में सांसद से 15 दिनों के अंदर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।उसके बाद अनुसाशनात्मक कारवाई की जा सकती है।
